Sbg 9.26 scneel

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Sanskrit Commentary By Sri Neelkanth ।।9.26।।मद्भक्तिरतिसुकरा देवतान्तरभक्तिस्तु बहुवित्तव्ययायाससाध्येत्याशयेनाह -- पत्रमिति। भक्तिरेव केवलं ममापेक्षिता नान्यदिति भावः। भक्त्युपहृतं भक्त्या समर्पितम्।