Sbg 8.28 htshg
Jump to navigation
Jump to search
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।8.28।।योगका माहात्म्य सुन --, इनको जानकर अर्थात् इन सात प्रश्नोंके निर्णयद्वारा कहे हुए रहस्यको यथार्थ समझकर और उसका अनुष्ठान करके योगी पुरुष भलीभाँति पढ़े हुए वेद श्रेष्ठ गुणोंसहित सम्पादन किये हुए यज्ञ भली प्रकार किये हुए तप और यथार्थ पात्रको दिये हुए दान इन सबका शास्त्रोंने जो पुण्यफल बतलाया है उस सबको अतिक्रम कर जाता है और आदिमें होनेवाले सबके कारणरूप परम श्रेष्ठ ऐश्वरपदको अर्थात् ब्रह्मको पा लेता है।