Sbg 3.24 htshg

From IKS BHU
Jump to navigation Jump to search

Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।3.24।।ऐसा होनेसे क्या दोष हो जायगा सो कहते हैं यदि मैं कर्म न करूँ तो लोकस्थितिके लिये किये जानेवाले कर्मोंका अभाव हो जानेसे यह सब लोक नष्ट हो जायँगे और मैं वर्णसंकरका कर्ता होऊँगा इसलिये इस प्रजाका नाश भी करूँगा अर्थात् प्रजापर अनुग्रह करनेमें लगा हुआ मैं इनका हनन करनेवाला बूनँगा। यह सब मुझ ईश्वरके अनुरूप नहीं होगा।