Sbg 2.29 httyn
Jump to navigation
Jump to search
Hindi Translation By Swami Tejomayananda ।।2.29।। कोई इसे आश्चर्य के समान देखता है; कोई इसके विषय में आश्चर्य के समान कहता है; और कोई अन्य पुरुष इसे आश्चर्य के समान सुनता है; और फिर कोई सुनकर भी नहीं जानता।।