Sbg 18.58 htshg

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Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।18.58।।मुझमें चित्तवाला होकर तू समस्त कठिनाइयोंको अर्थात् जन्ममरणरूप संसारके समस्त कारणोंको मेरे अनुग्रहसे तर जायगा -- सबसे पार हो जायगा। परंतु यदि तू मेरे कहे हुए वचनोंको अहंकारसे मैं पण्डित हूँ ऐसा समझकर? नहीं सुनेगाग्रहण नहीं करेगा? तो नष्ट हो जायगा -- नाशको प्राप्त हो जायगा।