Sbg 15.9 htshg
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Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।15.9।।वे ( मनसहित छः इन्द्रियाँ ) कौनसी हैं, यह शरीरमें स्थित ( जीवात्मा ) श्रोत्र? चक्षु? त्वचा? रसना और नासिका इनमेंसे प्रत्येक इन्द्रियको और उसके छठे मनको? आश्रय बनाकर? शब्दादि विषयोंका सेवन किया करता है।