Sbg 15.17 htrskd
Jump to navigation
Jump to search
Hindi Translation By Swami Ramsukhdas ।।15.17।।उत्तम पुरुष तो अन्य ही है, जो परमात्मा नामसे कहा गया है। वही अविनाशी ईश्वर तीनों लोकोंमें प्रविष्ट होकर सबका भरण-पोषण करता है।
Hindi Translation By Swami Ramsukhdas ।।15.17।।उत्तम पुरुष तो अन्य ही है, जो परमात्मा नामसे कहा गया है। वही अविनाशी ईश्वर तीनों लोकोंमें प्रविष्ट होकर सबका भरण-पोषण करता है।