Sbg 13.34 scanand
Jump to navigation
Jump to search
Sanskrit Commentary By Sri Anandgiri ।।13.34।।अध्यायार्थं सफलमुपसंहरति -- समस्तेति। विशेषं कौटस्थ्यपरिणामादिलक्षणं तदेवममानित्वादिनिष्ठतया क्षेत्रक्षेत्रज्ञयाथात्म्यविज्ञानवतः सर्वानर्थनिवृत्त्या परिपूर्णपरमानन्दाविर्भावलक्षणपुरुषार्थसिद्धिरिति सिद्धम्।इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यश्रीमच्छुद्धानन्दपूज्यपादशिष्यानन्दगिरिकृतौ त्रयोदशोऽध्यायः।।13।।