Sbg 11.8 htshg
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Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।11.8।।किंतु --, तू मुझ विश्वरूपधारी परमेश्वरको अपने इन प्राकृत नेत्रोंसे नहीं देख सकेगा। जिन दिव्य नेत्रोंद्वारा तू मुझे देख सकेगा? वे दिव्य नेत्र ( मैं ) तुझे देता हूँ? उनके द्वारा तू मुझ ईश्वरके ऐश्वर्य और योगको अर्थात् अतिशय योगसामर्थ्यको देख।
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