Sbg 11.32 htshg
Jump to navigation
Jump to search
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।11.32।।श्रीभगवान् बोले -- मैं लोकोंका नाश करनेवाला बढ़ा हुआ काल हूँ। मैं जिसलिये बढ़ा हूँ वह सुन? इस समय मैं लोकोंका संहार करनेके लिये प्रवृत्त हुआ हूँ? इससे तेरे बिना भी ( अर्थात् तेरे युद्ध न करनेपर भी ) ये सब भीष्म? द्रोण और कर्ण प्रभृति शूरवीर -- योद्धालोग जिनसे तुझे आशङ्का हो रही है एवं जो प्रतिपक्षियोंकी प्रत्येक सेनामें अलगअलग डटे हुए हैं -- नहीं रहेंगे।
,