Sbg 11.26 htshg

From IKS BHU
Jump to navigation Jump to search

Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।11.26।।जिन शूरवीरोंसे मुझे पहले पराजयकी आशङ्का थी? वह भी अब चली गयी क्योंकि --, ये दुर्योधन आदि धृतराष्ट्रके समस्त पुत्र अवनिपालोंके दलोंसहित -- अवनि यानी पृथ्वीका जो पालन करें उनका नाम अवनिपाल है। उनके दलोंसहित इकट्ठे होकर बड़े वेगसे आपके मुखोंमें प्रवेश कर रहे हैं। यही नहीं? किंतु भीष्म? द्रोण और यह सूतपुत्र -- कर्ण एवं हमारी ओरके भी धृष्टद्युम्नादि प्रधान योद्धाओंके सहित ( सबसेसब )।