Sbg 11.23 htshg

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Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।11.23।।क्योंकि --, हे महाबाहो आपका यह रूप अति महान् -- बहुत लंबाचौड़ा? अनेकों मुख और नेत्रोंवाला -- जिसके अनेकों मुख और नेत्र हैं ऐसा? बहुतसी भुजाओं? जंघाओं और चरणोंवाला -- जिसके बहुतसी भुजाएँ? जंघाएँ और चरण हैं ऐसा? तथा बहुतसे पेटोंवाला -- जिसके बहुतसे पेट हैं ऐसा और बहुतसी दाढ़ोंसे अति विकराल आकृतिवाला है अर्थात् बहुतसी दाढ़ोंके कारण जिसकी आकृति अति भयंकर हो गयी है? ऐसा है। आपके ऐसे ( विकट ) रूपको देखकर संसारके समस्त प्राणी भयसे व्याकुल हो रहे हैं -- काँप रहे हैं? और मैं भी उन्हींकी भाँति भयभीत हो रहा हूँ।


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