Sbg 11.12 htshg

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Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।11.12।।भगवान्के विराट्रूपकी जो प्रभा -- प्रकाश है? उसकी उपमा कहते हैं --, द्युलोकमें अर्थात् आकाशमें या तीसरे स्वर्गलोकमें एक साथ उदय हुए हजारों सूर्योंका जो एक साथ उत्पन्न हुआ प्रकाश हो? वह प्रकाश उस महात्मन् -- विश्वरूपके प्रकाशके सदृश कदाचित् हो तो हो? अथवा सम्भव है कि न भी हो अर्थात् उससे भी विश्वरूपका प्रकाश ही अधिक हो सकता है।