Sbg 10.28 scanand
Jump to navigation
Jump to search
Sanskrit Commentary By Sri Anandgiri ।।10.28।।प्रजनयतीति व्युत्पत्तिमाश्रित्याह -- प्रजनयितेति। सर्पा नागाश्च जातिभेदाद्भिद्यन्ते।
Sanskrit Commentary By Sri Anandgiri ।।10.28।।प्रजनयतीति व्युत्पत्तिमाश्रित्याह -- प्रजनयितेति। सर्पा नागाश्च जातिभेदाद्भिद्यन्ते।