Sbg 10.15 htshg
Jump to navigation
Jump to search
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।10.15।।क्योंकि आप देवादिके आदि कारण हैं? इसलिये --, हे पुरुषोत्तम हे भूतप्राणियोंको उत्पन्न करनेवाले भूतभावन हे भूतेशभूतोंके ईश्वर हे देवोंके देव हे जगत्पते आप स्वयं ही अपनेद्वारा अपने आपको अर्थात् निरतिशय ज्ञान? ऐश्वर्य? सामर्थ्य आदि शक्तियोंसे युक्त ईश्वरको जानते हैं।