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सूत्र
त्रैकाल्याप्रतिषेधश्च शब्दादातोद्यसिद्धिवत्तत्सिद्धेः 2/1/15
पदच्छेद
त्रैकाल्याप्रतिषेधः च, शब्दात्, आतोद्यसिद्धिवत्तत्सिद्धेः ।
पदपदार्थ
| संख्या | पद | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | त्रैकाल्याप्रतिषेधः च | और भूत, भविष्य तथा वर्तमान — ऐसे तीन कालों का प्रमाणों में निषेध भी नहीं हो सकता |
| 2 | शब्दात् | ध्वनिरूप शब्द से |
| 3 | आतोद्यसिद्धिवत् | बाजे से सत्ता की सिद्धि के समान कार्य (प्रमेय पदार्थ) से प्रमाण रूप कारण की सिद्धि होने से |