Sbg 6.24 htshg
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।6.24।।तथा संकल्पसे उत्पन्न हुई समस्त कामनाओंको निःशेषतासे अर्थात् लेशमात्र भी शेष न रखते हुए निर्लेपभावसे छोड़कर एवं विवेकयुक्त मनसे इन्द्रियोंके समुदायको सब ओरसे रोककर अर्थात् उनका संयम करके।