Sbg 18.66 scmad
Sanskrit Commentary By Sri Madhavacharya ।।18.66।।धर्मत्यागः फलत्यागः। कथमन्यथा युद्धविधिः।यस्तु कर्मफलत्यागी स त्यागीत्यभिधीयते [18।11] इति चोक्तम्।
Sanskrit Commentary By Sri Madhavacharya ।।18.66।।धर्मत्यागः फलत्यागः। कथमन्यथा युद्धविधिः।यस्तु कर्मफलत्यागी स त्यागीत्यभिधीयते [18।11] इति चोक्तम्।