Sbg 18.63 htshg
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।18.63।।मुझ सर्वज्ञ ईश्वरने तुझसे यह गुह्यसे भी गुह्य अत्यन्त गोपनीय रहस्ययुक्त ज्ञान कहा है। इस उपर्युक्त शास्त्रको? अर्थात् ऊपर कहे हुए समस्त अर्थको पूर्णरूपसे विचारकरइसके विषयमें भलीप्रकार आलोचना करके? तेरी जैसी इच्छा हो वैसे ही कर।