Sbg 17.24 htshg
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।17.24।।इसलिये वेदका प्रवचन -- पाठ करनेवाले ब्राह्मणोंकी शास्त्रविधिसे कही हुई यज्ञ? दान और तपरूप क्रियाएँ ब्रह्मके ओम् इस नामका उच्चारण करके ही सर्वदा आरम्भ की जाती हैं।