Sbg 12.19 scsri
Sanskrit Commentary By Sri Sridhara Swami ।।12.19।। तुल्य इति। तुल्ये निन्दास्तुती यस्य? मौनी संयतवाक्? येन केनचिद्यथालब्धेन संतुष्टः? अनिकेतो नियतवासशून्यः? स्थिरमतिर्व्यवस्थितचित्तः? एवंभूतो मद्भक्तिमान्यः स मे प्रियो नरः।
Sanskrit Commentary By Sri Sridhara Swami ।।12.19।। तुल्य इति। तुल्ये निन्दास्तुती यस्य? मौनी संयतवाक्? येन केनचिद्यथालब्धेन संतुष्टः? अनिकेतो नियतवासशून्यः? स्थिरमतिर्व्यवस्थितचित्तः? एवंभूतो मद्भक्तिमान्यः स मे प्रियो नरः।