Sbg 12.18 scanand
Sanskrit Commentary By Sri Anandgiri ।।12.18।। सम इति। अद्वेष्टेत्यादिना द्वेषादिविशेषाभाव उक्तः? संप्रति सर्वत्रैवाविकृतचित्तत्वमुच्यते। सर्वत्र चेतने स्त्रयादावचेतने च चन्दनादावित्यर्थः।
Sanskrit Commentary By Sri Anandgiri ।।12.18।। सम इति। अद्वेष्टेत्यादिना द्वेषादिविशेषाभाव उक्तः? संप्रति सर्वत्रैवाविकृतचित्तत्वमुच्यते। सर्वत्र चेतने स्त्रयादावचेतने च चन्दनादावित्यर्थः।