Sbg 12.11 htshg
Hindi Translation Of Sri Shankaracharya's Sanskrit Commentary By Sri Harikrishnadas Goenka ।।12.11।।परंतु यदि तू ऐसा करनेमें भी अर्थात् जैसा ऊपर कहा है? उस प्रकार मेरे लिये कर्म करनेके परायण होनेमें भी असमर्थ है तो फिर मद्योगके आश्रित होकर -- किये जानेवाले समस्त कर्मोंको मुझमें समर्पण करके उनका अनुष्ठान करना मद्योग है। उसके आश्रित होकरऔर संयतात्मा होकर अर्थात् वशीभूत मनवाला होकर समस्त कर्मोंके फलका त्याग कर।
,