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प्रत्यक्षानुमानोपमानशब्दाः प्रमाणानि 1/1/3


संधि विच्छेद:

प्रत्यक्षानुमानोपमानशब्दाः = प्रत्यक्ष + अनुमान + उपमान + शब्दाः

प्रमाणानि = प्रमाण + आनि

व्याख्या:

  1. प्रत्यक्ष: "प्रत्यक्ष" का अर्थ है जो प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया जाए। यह इंद्रियों (चक्षु, श्रोत्र, घ्राण, रसना, त्वक) के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करने का साधन है। उदाहरण: अग्नि को देखकर यह जानना कि वह जलाने वाला है।
  2. अनुमान: "अनुमान" का अर्थ है निष्कर्ष निकालना या किसी तथ्य को अनुमान के आधार पर जानना। यह प्रत्यक्ष अनुभव के साथ एक विशेष लक्षण (लिंग) के आधार पर ज्ञान देता है। उदाहरण: धुएं को देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि वहाँ आग है।
  3. उपमान: "उपमान" का अर्थ है तुलना या उदाहरण के आधार पर ज्ञान प्राप्त करना। उदाहरण: किसी व्यक्ति को "गवय" (जंगली बैल) के बारे में समझाते हुए कहा जाए कि वह गाय के समान दिखता है। जब वह व्यक्ति गवय को देखता है, तो उसे उसके बारे में ज्ञान होता है।
  4. शब्द: "शब्द" का अर्थ है विश्वसनीय व्यक्ति के कथन के आधार पर ज्ञान प्राप्त करना। यह किसी प्रामाणिक स्रोत (जैसे शास्त्र या गुरु) के कथन पर आधारित होता है। उदाहरण: वेदों में वर्णित बातों को सत्य मानकर ज्ञान प्राप्त करना।

प्रमाणानि:

"प्रमाण" का अर्थ है ज्ञान प्राप्त करने के साधन, और "आनि" बहुवचन है, जिसका तात्पर्य है कि ये सभी प्रमाण (प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान, और शब्द) मिलकर ज्ञान प्राप्ति के साधन हैं।

इस प्रकार, यह वाक्य बताता है कि "प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान और शब्द — ये चार प्रमाण हैं।"