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Latest revision as of 12:48, 10 December 2024
अथ तत्पूर्वकं त्रिविधमनुमानं पूर्ववच्छेषवत् सामान्यतोदृष्टञ्च 1/1/5
संधि विच्छेद:
अथ = अथ
तत्पूर्वकं = तत् + पूर्वकं
त्रिविधम् = त्रि + विधम्
अनुमानम् = अनुमान + म्
पूर्ववच्छेषवत्सामान्यतोदृष्टञ्च = पूर्ववत् + शेषवत् + सामान्यतः + दृष्टं + च
अर्थ:
- अथ: अब या इसके बाद।
- तत्पूर्वकं: उसके पहले का या उसके आधार पर।
- तत्: वह (यहाँ, प्रत्यक्ष)।
- पूर्वकं: पहले के आधार पर।
- त्रिविधम्: तीन प्रकार का।
- त्रि: तीन।
- विधम्: प्रकार।
- अनुमानम्: अनुमान, जो किसी वस्तु के बारे में निष्कर्ष तक पहुँचने का साधन है।
- पूर्ववत्: पहले जैसा।
- शेषवत्: शेष से संबंधित।
- सामान्यतः दृष्टं: सामान्य रूप से देखा गया।
- सामान्यतः: सामान्य रूप में।
- दृष्टं: देखा गया।
- च: और।
व्याख्या:
यह न्याय दर्शन में अनुमान के तीन प्रकारों की व्याख्या करता है। इसे विस्तृत रूप में समझें:
- तत्पूर्वकं त्रिविधम्: अनुमान प्रत्यक्ष ज्ञान के आधार पर किया जाता है और यह तीन प्रकार का होता है।
- त्रिविधम् अनुमानम्: अनुमान के तीन प्रकार हैं:
- पूर्ववत्
- शेषवत्
- सामान्यतोदृष्टम्
तीन प्रकार के अनुमान:
- पूर्ववत् (पूर्व-जैसा): यह अनुमान उस आधार पर होता है जो पहले देखा गया है।
- उदाहरण: पहाड़ पर धुआँ देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि वहाँ आग है। (पहले देखा गया है कि जहाँ धुआँ होता है, वहाँ आग होती है।)
- शेषवत् (शेष-आधारित): यह अनुमान शेष भागों के आधार पर किया जाता है।
- उदाहरण: नदी का पानी बढ़ा हुआ देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि कहीं बारिश हुई है। (पानी के बढ़ने का कारण बारिश माना जाता है।)
- सामान्यतोदृष्टम् (सामान्यतः देखा गया): यह अनुमान सामान्य अनुभव के आधार पर किया जाता है।
- उदाहरण: सूर्य के उगने से दिन का होना। (सामान्यतः देखा गया है कि जब सूर्य उगता है, तो दिन होता है।)
निष्कर्ष:
यह श्लोक बताता है कि अनुमान तीन प्रकार का होता है:
- पूर्ववत्: कारण से कार्य का अनुमान।
- शेषवत्: कार्य से कारण का अनुमान।
- सामान्यतोदृष्टम्: सामान्य अनुभव के आधार पर अनुमान। ये तीनों अनुमान ज्ञान प्राप्ति के महत्वपूर्ण साधन हैं।
अनुमान के तीन प्रकार का सारांश
| क्रमांक | अनुमान का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | पूर्ववत् (पूर्व-जैसा) | कारण के आधार पर कार्य का अनुमान। | पहाड़ पर धुआँ देखकर यह निष्कर्ष निकालना कि वहाँ आग है। |
| 2 | शेषवत् (शेष-आधारित) | कार्य के आधार पर कारण का अनुमान। | नदी में पानी बढ़ा देखकर यह अनुमान लगाना कि कहीं बारिश हुई है। |
| 3 | सामान्यतोदृष्टम् | सामान्य अनुभव के आधार पर कार्य या कारण का अनुमान। | सूर्य के उगने से दिन का होना। |
विशेष:
- पूर्ववत्: यह कारण से कार्य की ओर जाता है।
- शेषवत्: यह कार्य से कारण की ओर संकेत करता है।
- सामान्यतोदृष्टम्: यह अनुभव के सामान्यीकरण पर आधारित है।